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सम्मान पदमें है या मनुष्यतामें  [Hindi Story]
Shikshaprad Kahani - Shikshaprad Kahani (Short Story)

सिकन्दरने किसी कारणसे अपनी सेनाके एक सेनापतिसे रुष्ट होकर उसे पदच्युत करके सूबेदार बना दिया। कुछ समय बीतनेपर उस सूबेदारको सिकन्दरके सम्मुख उपस्थित होना पड़ा। सिकन्दरने पूछा- 'मैं तुमको पहलेके समान प्रसन्न देखता हूँ, बात क्या है ?'

सूबेदार बोला- 'श्रीमान् मैं तो पहलेकी अपेक्षा भी सुखी हूँ। पहले तो सैनिक और सेनाके छोटे अधिकारी मुझसे डरते थे, मुझसे मिलनेमें संकोच करते थे; किंतु अब वे मुझसे स्नेह करते हैं। वे मेरा भरपूर सम्मान करते हैं। प्रत्येक बातमें मुझसे सम्मति लेते हैं। उनकी सेवा करनेका अवसर तोमुझे अब मिला है।' सिकन्दरने फिर पूछा—'पदच्युत होनेमें तुम्हें अपमान नहीं प्रतीत होता ?"

सूबेदारने कहा - 'सम्मान पदमें है या मानवतामें ? उच्च पद पाकर कोई प्रमाद करे, दूसरोंको सतावे, घूस आदि ले और गर्वमें चूर बने तो वह निन्दाके योग्य ही है। वह तो बहुत तुच्छ है। सम्मान तो है दूसरोंकी सेवा करनेमें, कर्तव्यनिष्ठ रहकर सबसे नम्र व्यवहार करनेमें और ईमानदारीमें। भले वह व्यक्ति सैनिक हो या उससे भी छोटा गाँवका चौकीदार।' सिकन्दरने कहा- 'मेरी भूलपर ध्यान मत देना। तुम फिर सेनापति बनाये गये।'



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sammaan padamen hai ya manushyataamen

sikandarane kisee kaaranase apanee senaake ek senaapatise rusht hokar use padachyut karake soobedaar bana diyaa. kuchh samay beetanepar us soobedaarako sikandarake sammukh upasthit hona pada़aa. sikandarane poochhaa- 'main tumako pahaleke samaan prasann dekhata hoon, baat kya hai ?'

soobedaar bolaa- 'shreemaan main to pahalekee apeksha bhee sukhee hoon. pahale to sainik aur senaake chhote adhikaaree mujhase darate the, mujhase milanemen sankoch karate the; kintu ab ve mujhase sneh karate hain. ve mera bharapoor sammaan karate hain. pratyek baatamen mujhase sammati lete hain. unakee seva karaneka avasar tomujhe ab mila hai.' sikandarane phir poochhaa—'padachyut honemen tumhen apamaan naheen prateet hota ?"

soobedaarane kaha - 'sammaan padamen hai ya maanavataamen ? uchch pad paakar koee pramaad kare, doosaronko sataave, ghoos aadi le aur garvamen choor bane to vah nindaake yogy hee hai. vah to bahut tuchchh hai. sammaan to hai doosaronkee seva karanemen, kartavyanishth rahakar sabase namr vyavahaar karanemen aur eemaanadaareemen. bhale vah vyakti sainik ho ya usase bhee chhota gaanvaka chaukeedaara.' sikandarane kahaa- 'meree bhoolapar dhyaan mat denaa. tum phir senaapati banaaye gaye.'

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